रामायण ग्रंथ भेंट एवं महत्वपूर्ण चर्चा

रामायण ग्रंथ भेंट एवं महत्वपूर्ण चर्चा

दिनांक: 15,12,2024]
स्थान: ओम नगर उमेश यादव जी का कोचिंग सेंटर

आज हमारे यहां सम्माननीय उमेश यादव जी, जो कि एक कोचिंग संस्थान के अध्यापक हैं, का आगमन हुआ। इस अवसर पर उन्हें रामायण ग्रंथ की पुस्तक भेंट की गई। पुस्तक भेंट करने के दौरान बच्चों में नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि जगाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

उमेश यादव जी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया कि बच्चों को रामायण जैसे ग्रंथ पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पवित्र ग्रंथ बच्चों में चरित्र निर्माण, आदर्श जीवन, और कर्तव्यपरायणता जैसे गुण विकसित करने में सहायक होते हैं।

रामायण जैसे ग्रंथ बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं।

यह भेंट और चर्चा अत्यंत सार्थक रही। उमेश यादव जी ने आश्वासन दिया कि वे अपनी कोचिंग कक्षाओं में रामायण के प्रेरक प्रसंगों को पढ़ाने का हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस प्रकार, यह पहल हमारी आने वाली पीढ़ी को नैतिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम

रिपोर्ट राहुल मेहानी

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़

नेशनल पब्लिक स्कूल बबुरी चंदौली में विगत चार दिनों से वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा था जिसमें विद्यालय में अध्ययनरत सभी कक्षाओं के बच्चों ने प्रतिभाग किया था आज विद्यालय के प्रबंधक अरुण कुमार पाठक और विद्यालय के अध्यक्ष अखिलेश कुमार पाठक जी के द्वारा समस्त विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया इस अवसर पर विद्यालय के समस्त बच्चें ,विद्यालय के प्रधानाचार्य अनंत प्रकाश, अशोक श्रीवास्तव व सभी अध्यापक और अध्यापिकाएं उपस्थित थी।