रामायण ग्रंथ भेंट एवं महत्वपूर्ण चर्चा

रामायण ग्रंथ भेंट एवं महत्वपूर्ण चर्चा

दिनांक: 15,12,2024]
स्थान: ओम नगर उमेश यादव जी का कोचिंग सेंटर

आज हमारे यहां सम्माननीय उमेश यादव जी, जो कि एक कोचिंग संस्थान के अध्यापक हैं, का आगमन हुआ। इस अवसर पर उन्हें रामायण ग्रंथ की पुस्तक भेंट की गई। पुस्तक भेंट करने के दौरान बच्चों में नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि जगाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

उमेश यादव जी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया कि बच्चों को रामायण जैसे ग्रंथ पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पवित्र ग्रंथ बच्चों में चरित्र निर्माण, आदर्श जीवन, और कर्तव्यपरायणता जैसे गुण विकसित करने में सहायक होते हैं।

रामायण जैसे ग्रंथ बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं।

यह भेंट और चर्चा अत्यंत सार्थक रही। उमेश यादव जी ने आश्वासन दिया कि वे अपनी कोचिंग कक्षाओं में रामायण के प्रेरक प्रसंगों को पढ़ाने का हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस प्रकार, यह पहल हमारी आने वाली पीढ़ी को नैतिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम

रिपोर्ट राहुल मेहानी

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।