✍आज दिनांक २१/१२/२४ दिन शनिवार को पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी समाज सेवा सोसायटी वाराणसी महानगर के द्वारा रेलवे पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में रेलवे परिसर के आसपास के गरीब अशाह व्यक्तियों को गर्म कपड़ों का वितरण। रेलवे पुलिस  के क्षेत्राधिकार कुंवर प्रभात सिंह एवं इंस्पेक्टर हेमंत सिंह के उपस्थिति में सोसायटी के महानगर के पदाधिकारीगण एवं महानगर से संबंधित सर्किल एवं शाखा पदाधिकारी एवं सदस्यों एवं अन्य सभी ने मिलकर गर्म कपड़ों के वितरण का काम किया।

वितरण कार्यक्रम में सोसाइटी के महानगर अध्यक्ष इंद्र कुमार मौर्य, महानगर उपाध्यक्ष सतीश गुप्ता,महानगर सचिव संजू श्रीवास्तव, उप सचिव राहुल केसरी, संतोष मिश्रा,
शाखा अध्यक्ष मनोज गुप्ता, नौशाद कुरेशी, अभय पटेल, सलीम जावेद चंद्र पिंटू सुनील कुमार मोहम्मद अख्तर मोहम्मद अख्तर ,रमजान,
एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित है।

रिपोर्ट राहुल मेहानी

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।

एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (RSS) एकल विद्यालय के द्वारा आरोग्य शिविर का आयोजन आज दिनांक 7 सितंबर 2025 को स्थान : ग्राम सभा रमदतपुर के मिनी सचिवालय में आयोजित किया गया जिसमें- सर सुंदरलाल हॉस्पिटल के (BHU), डॉ सच्चिदानंद जी (राष्ट्रीय सहमंत्री), डा0 सुनील कुमार, डा0 रत्ना गुप्ता, डा0 गजेंद्र प्रताप सिंह, डा0 अंकित कुमार,डा0 अंजलि डॉ0 रोमन आदि सहयोगी उपस्थित थे,शिवर का उद्घाटन ग्राम प्रधान श्री रामचंद्र गुप्ता रामदत्तपुर के द्वारा किया गया संच प्रमुख- शिवकुमारसंच अध्यक्ष- संतोष जीएकल विद्यालय आचार्य – आरती देवी, नीरज देवी, ज्योति राय, इंदु कुमारी,आयोजन कर्ता- प्रिंस पाठक (जिला संयोजक बजरंग दल चंदौली)ग्राम समिति से – दयाशंकर भारती, अंकित कुमार, देवनाथ पांडे, मृत्युंजय बालमुकुंद ओमप्रकाश आदि जन उपस्थित थे,कार्यक्रम का उद्देश्य – एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मेडिकल कैंप जोकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा संचालित किया जाता है, मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा शिविरों के माध्यम से उन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है, जिसमें सामान्य रोगों के उपचार, जैसे कि बुखार, खांसी, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, आदि से संबंधित एवं मातृ व शिशु देखभाल और स्वच्छता पर जोर दिया जा सके इसके साथ ही, यह फाउंडेशन निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है और ग्रामीण समुदायों को समग्र स्वास्थ्य और विकास के अवसर उपलब्ध कराता है।मेडिकल कैंप के विशिष्ट उद्देश्य:स्वास्थ्य शिक्षा:लोगों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करना।चिकित्सा सेवाएं:विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना, जिसमें मातृ एवं शिशु देखभाल शामिल है।सामान्य बीमारियों का उपचार:सामान्य रोगों के उपचार के लिए दवाइयाँ वितरित करना।पहुँच में सुधार:ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार करना, जहाँ पहले इन सेवाओं का अभाव होता था।निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य:निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचारात्मक चिकित्सा दोनों पर ध्यान केंद्रित करना।