घंटा घड़ियाल की आवाज गूंज उठा मां खखरा का दरवारचहनिया चन्दौली। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर क्षेत्र स्थित मां खखरा भवानी मटियरा, विशेश्वरपुर मन्दिर पर हजारों श्रद्धालू भक्तगण प्रतिदिन दर्शन पूजन कर मां का आर्शिवाद लेने नही चूकते है। माता की महमा इतना निराला है कि काइेर् भी भक्तगण अपनी सच्ची मन से मुरादे मागता है तो वह अवश्य ही पूर्ण हो जाता जिसे मन में लेकर भक्तों के मन आस्था का केन्द्र बनता जा रहा और धीरे-धीरे लोगे की भीड़ बढ़ती जा रही प्रत्येक वर्ष शारदीय व वांसतिक नवरात्र मेंं भीड़ बढ़ती जा रही है। मां का स्वरूप विशेष रूप से गृहस्थ जीवन में सुख, शांति, और संतान की उन्नति की वरदान वाला माता माना जाता है। मां खाखरा देवी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है। मंदिर परिसर में प्रातः काल से ही सैकड़ां भक्तों की भीड़ रही। वहीं उपस्थित आयोजक जितेंद्र यादव, रजनीश यादव, बृजेश यादव, अजय, सतीश, दिलीप, रिंकू, देवेंद्र, आकाश, अभिषेक, सैकड़ां कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।