जर्जर चहारदिवारी दे रही दुर्घटना को दावत  – चाहनिया चंदौली

जर्जर चहारदिवारी दे रही दुर्घटना को दावत

चहनिया चन्दौली।

क्षे त्र के हदयपुर गांव में कम्पोजिट विद्यालय की बाउन्ड्रीवाल बिगत तीन माह से गिरी पड़ी हुई और कुछ चहारदिवारी लटकी हुई है जिससे कभी भी बच्चों के साथ भारी घटा सकती है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इसकी सूचना विभाग में दे दी है लेकिन विभागीय कार्यवाही की लचर व्यवस्था के चलते स्थित भयावह बनी हुई है। जबकि शासन द्वारा सख्त निर्देश जारी किया गया है कि समस्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया जाय लेकिन सरकार के आदेश को मातहत कर्मचारी व ग्राम प्रधानों द्वारा अनसुना कर दिया जा रहा है। जो अध्यापको के लिए सिरदर्द बना हुआ क्रूो जब मध्यान भोजन हेतु बच्चों को छोड़ा जाता तो दो अध्यापक बच्चों की निगरानी में लगे रहते है बच्चे पठन-पाठन के दौरान हमेशा भाग जाया करते जैसे पता चला यह बच्चा आया और कक्षा में नही है तो अध्यापक किसी अनहोनी को लेकर उसे ढ़ूढने लगता है। वही अभिभावकों ने तत्काल चहारदिवारी निर्माण करवाये जाने की मांग की है। वही इस सबंध में विकास खण्ड अधिकारी का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान मे ंनही अगर ऐसा तो जांच करवाकर कार्यवाही की जायेगी।

कहीं बज बजाती नालियां तो कहीं झाड़- झंखाड से पटा रास्ता ग्रामीण हलकान-चंदौली तारा जीवनपुर स्थित सहरोई गांव में इन दिनों बज बजाती नालिया तो कहीं गांव में मेन रास्तों पर झाड़ -झंखारों से पटा हुआ है। हाल यह है कि अगर समय रहते साफ सफाई नहीं की गई तो संक्रामक बीमारियों को इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मेन रास्तों पर झाड़ झंखाड इस तरह पट गया कि उसपर राह चलना दुष्कर हो गया है। बरसात के दिनों में झाड़-झंखाड़ो में विशैल जीव जंतुओं का निवास हो गया है। जो कि हमेशा दुर्घटनाएं की आशंका बनी रहती है। नाबदान के पानी से उठ रहे दुर्गंध से ग्रामीण का नरकी जीवन जीने को विवश हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी गांव में दर्शन दुर्लभ हो गया है। कभी -कभार आकर हाजिरी लगाकर रफू चक्कर हो जाता है। ग्रामीणों ने सफाई कर्मी से इस संदर्भ में कहा जाता कि झाड़- झंखाड व नालियों को साफ कर दीजिए तो यह कह कर टाल देता है कि आप लोग हमारे अधिकारियों से बात कर लीजिए। वहीं ग्रामीण प्रधान व सचिव से कई बार अवगत करवाया लेकिन निजात दिलाने में असमर्थ हैं। वहीं उपस्थित नामवर मिश्रा, ईश्वरी, उमेश मिश्रा, रमेश मिश्रा, राजेंद्र प्रजापति, पखंडू गुप्ता, कुंवारू गुप्ता, चंद्रबली खरवार, महानंद मिश्रा, शिशु मिश्रा, लादी प्रजापति, देवेन्द्र मिश्रा सुनील मिश्रा, बेचू, दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि नाली व झाड़ झंखाड का समुचित व्यवस्था नहीं हुआ तो हम ग्रामीण विकासखंड कार्यालय का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।