ट्रैक्टर पलटा चालक की मौत चहनिया चन्दौली। 

ट्रैक्टर पलटा चालक की मौत चहनिया चन्दौली।

बलुआ थाना क्षेत्र के बेलवानी गांव के पास निर्माणाधीन सड़क के लिए गिट्टी लेकर जा रहा ट्रैक्टर बैक करते समय सोमवार की सुबह अनियंत्रित होकर नहर में पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक की दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त कमलेश यादव, निवासी फुल्ली, थाना सकलडीहा के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक सड़क निर्माण कार्य के लिए कोलतार गिट्टी लेकर जा रहा था। इसी दौरान पीछे करते समय ट्रैक्टर का पिछला पहिया फिसल गया, जिससे वाहन असंतुलित हो गया और देखते ही देखते नहर में जा पलटा। अचानक हुए हादसे में चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और वह ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आस-पास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों की सूचना पर बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर में दबे युवक के शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 29 कोपीडीडीयू नगर। एमआईआईटी ​शिक्षण संस्थान की ओर से 29 सितंबर को नगर पालिका इंटर कॉलेज में जिलास्तरीय सामान्य ज्ञान, चित्रकला, मेंहदी, निबंध व क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। संस्था के निदेशक जुबेर अहमद ने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले 24 वर्षो लगातार किया जा रहा है। इसमें कक्षा एक से पीजी तक के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 26 सितंबर तक संस्था पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक उपहार के साथ सम्मानित किया जाएगा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मुगलसराय सिक्ख समाज संगत और चढ़दीकला कार सेवा संस्था द्वारा सिक्ख धर्म के संस्थापक पहले गुरु नानक देव जी महाराज के 555 वे प्रकाश पर्व के उपलक्ष में उनके दिखाये रास्तों पर चलने का प्रयास करते हुए जरूरतमंद लोगों की बस्तियों में जाकर आने वाली सर्दी से बचाव के लिए वहां के बच्चों को नए गर्म कपड़े बांटने की सेवा की गई

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।