प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम चंदौली | 11 जनवरी (शनिवार)

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम चंदौली | 11 जनवरी (शनिवार)

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, ईमानदारी, नैतिक मूल्यों और सेवा भावनाओं को याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण से हुई। इस अवसर पर विद्यालय के सम्मानित चेयरमैन श्री सूर्यभान यादव जी और प्राचार्य श्री सुनील द्विवेदी जी ने शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने भी राष्ट्र के प्रति शास्त्री जी के अतुलनीय योगदान को नमन किया।

चेयरमैन श्री सूर्यभान यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा का आदर्श है। उन्होंने यह बताते हुए कहा कि शास्त्री जी ने कठिन परिस्थितियों में भी देशहित को सर्वोपरि रखा और अपने कर्मों के माध्यम से देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के नागरिक, चाहे विद्यार्थी हों या समाज के अन्य सदस्य, यदि उनके आदर्शों को अपनाएं तो राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव संभव है।

प्राचार्य श्री सुनील द्विवेदी जी ने विस्तृत संबोधन में कहा कि शास्त्री जी के “जय जवान, जय किसान” के संदेश को केवल शब्द न समझा जाए, बल्कि इसे जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी की नीति और विचारधारा हमारे दैनिक जीवन, कार्यशैली और समाज में नैतिकता के पालन का मार्गदर्शन करती है। प्राचार्य जी ने अपने व्यक्तित्व और अनुभवों के माध्यम से उपस्थित अतिथियों को प्रेरित किया कि हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग, अनुशासित और ईमानदार रहना चाहिए।

हालाँकि इस वर्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति कार्यक्रम में नहीं थी, इसके बावजूद विद्यालय परिवार ने राष्ट्रनायक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और समाज में उनके मूल्यों को फैलाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा से भरा रहा।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली