चंदौली में किसानों को 50% अनुदान पर मिलेगा संकर मक्का बीजः जायद सीजन में उपलब्ध, आय बढ़ाने और एथेनॉल उत्पादन में सहायक

चंदौली में किसानों को 50% अनुदान पर मिलेगा संकर मक्का बीजः जायद सीजन में उपलब्ध, आय बढ़ाने और एथेनॉल उत्पादन में सहायक

चन्दौली दिनांक 05 फरवरी 2026

चंदौली जनपद में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जायद सीजन में मक्का की बुवाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर, किसानों को संकर मक्का बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह जानकारी उप निदेशक कृषि भीमसेन ने दी।

किसान आगामी जायद सीजन में जनपद के किसी भी राजकीय कृषि बीज भण्डार से ये बीज प्राप्त कर सकते हैं। मक्का को गेहूं और धान के बाद तीसरी महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है।

वर्तमान में मक्का का उपयोग मुख्य रूप से प्रोसेस्ड फूड, पोल्ट्री फीड और पशु आहार के रूप में होता है। इसके अतिरिक्त, एथेनॉल उत्पादन में भी मक्का का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो रही है। यह किसानों के लिए नकदी फसल के रूप में अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि पारंपरिक धान और गेहूं की खेती से किसानों की आय दोगुनी करना चुनौतीपूर्ण है। वैश्विक बाजार में मोटे अनाजों जैसे मक्का, बाजरा और ज्वार की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।

संकर मक्का की नई किस्में न केवल पौष्टिक हैं, बल्कि कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली भी हैं। ये किस्में कम समय में तैयार हो जाती हैं और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इनकी खेती से प्रति हेक्टेयर अधिक उपज प्राप्त होगी।

बाजार में अच्छी मांग के कारण किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, मक्का की ये किस्में जलवायु परिवर्तन के प्रति भी अधिक सहनशील हैं, जिससे खेती से जुड़े जोखिम कम होते हैं।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।