महाशिवरात्रि में घर बैठे स्पीड पोस्ट से प्राप्त करें श्री सोमनाथ और श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का प्रसाद – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

महाशिवरात्रि में घर बैठे स्पीड पोस्ट से प्राप्त करें श्री सोमनाथ और श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का प्रसाद – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

महाशिवरात्रि में शिव आराधना की विशेष महिमा है। हर किसी की इच्छा होती है कि वह भगवान शिव के ज्योतिर्लिङ्ग स्वरूप का दर्शन और आशीर्वाद स्वरुप प्रसाद पा सके। परन्तु कुछ श्रद्धालु चाहकर भी दर्शन नहीं कर पाते। अब ऐसे श्रद्धालुओं को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। डाक विभाग की स्पीड पोस्ट सेवा के माध्यम से लोग देश के किसी भी कोने में घर बैठे श्री सोमनाथ मंदिर, गुजरात और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी का प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं। उक्त जानकारी उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। साथ ही महाशिवरात्रि में डाकघरों से गंगाजल की सुविधा भी उपलब्ध है। 250 मि.ली.की गंगाजल बोतल मात्र 30 रूपये में ली जा सकती है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को घर बैठे प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु भारतीय डाक विभाग से एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत कोई भी श्रद्धालु मैनेजर, श्री सोमनाथ ट्रस्ट, प्रभास पाटन, जिला- जूनागढ़, गुजरात-362268 को ₹270 का ई-मनीऑर्डर भेजकर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद मंगा सकता है। ई-मनी ऑर्डर पर “प्रसाद के लिए बुकिंग’ अंकित करना होगा। तदोपरांत श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा संबंधित श्रद्धालु को 400 ग्राम का प्रसाद का पैकेट स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा जायेगा। इस प्रसाद में 200 ग्राम बेसन लड्डू, 100 ग्राम तिल की चिक्की और 100 ग्राम मावा की चिक्की रहेगी।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद भी देश भर में स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत मात्र ₹ 251 रूपये का ई-मनीआर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल-221001 के नाम भेजना होगा। ई-मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जायेगा। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिङ्ग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, भभूति, रक्षा सूत्र, रुद्राक्ष मनका, मेवा, मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल हैं।

डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि, भक्तों को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के ओम नगर वार्ड नंबर 9 में छठ पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इलाके के सैकड़ों श्रद्धालु घाट पर एकत्रित हुए और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है!”विकास गुप्ता, राहुल चौहान और सोनी राय — इन तीनों ने जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वेच्छा से रक्तदान करके मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।हम आपके इस पुण्य कार्य को नमन करते हैं।