कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयरहाउस का हुआ मासिक निरीक्षण

कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयरहाउस का हुआ मासिक निरीक्षण

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

प्रभारी जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा वेयरहाउस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच

*चंदौली/दिनांक 23 फरवरी, 2026*

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं प्रभारी जिलाधिकारी आर जगत साई ने फरवरी माह के निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी गई मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से बाहर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनकी नियमित निगरानी और रिकॉर्डिंग की जाँच समय-समय पर की जाए। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेयरहाउस परिसर की चौकसी में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।

निरीक्षण के समय सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, पीडी डीआरडीए और विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यगण भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संतोष जताया कि जिले में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।