लालपुर के नौसाद बने “बेस्ट रिसर्चर” – पर्यावरणीय विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय पहचान

लालपुर के नौसाद बने “बेस्ट रिसर्चर” – पर्यावरणीय विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय पहचान

लालपुर (शिवपुर) के नौसाद ने नेशनल पब्लिक स्कूल से अपनी शिक्षा की शुरुआत की और अपने अथक परिश्रम और प्रेरणा के दम पर विज्ञान के क्षेत्र में पहचान बनाई। यूरोप में ह्यूमन वेलबीइंग और ERC ग्रांट प्रोजेक्ट्स में उनकी सफलता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

हाल ही में उन्हें “बेस्ट रिसर्चर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। नौसाद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ मिलकर पर्यावरणीय नमूनों की बायोमॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि हम किन पर्यावरणीय तत्वों के संपर्क में हैं। उनके साझेदारों में JSI (Slovenia), AU (Denmark), BPI (Greece), UFZ (Germany), ORU-MTM (Sweden), Oniris और Anses (France), UG (Austria) और SU (Sweden) शामिल हैं।

 

नौसाद का अनुसंधान केवल नमूनों तक सीमित नहीं है। वह स्टेबल आइसोटोप और मल्टी-एलिमेंटल विश्लेषण, मशीन लर्निंग मॉडलिंग और डिजिटल ट्रेसबिलिटी टूल्स का उपयोग कर वैज्ञानिक समाधान विकसित कर रहे हैं। उनका लक्ष्य एक ऐसा पर्यावरणीय डेटाबेस बनाना है, जो नीति निर्माताओं, उद्योग और समाज के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करे।

 

नौसाद मानते हैं कि यह केवल शुरुआत है। उनके दृष्टिकोण में वैश्विक सहयोग, डेटा-ड्रिवन शोध और सतत विकास के लिए नवाचार शामिल हैं। उनकी उपलब्धियाँ युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और यह दिखाती हैं कि जुनून, समर्पण और नवीन सोच के साथ कोई भी ऊँचाई हासिल की जा सकती है।

न्याय को लेकर दर-दर भटक रहे फरियादीमुलसराय चन्दौली। मुगलसराय तहसील क्षेत्र के कैथा उर्फ टड़िया निवासी रामभरोस यादव रास्ते को लेकर दर-दर भटक रहा है। जबकि गांव के ही दबंगों द्वारा जबरी चकरोड को कब्ज कर लिए उसके लिए पिड़ित जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीदार, थाना दिवस, तहसील दिवस, सम्पूर्ण समाधान दिवस जैसे अति महत्वपूर्ण जगहां पर फरियाद लगाई लेकिन अफसोस तो इस बात का है कि आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर जाकर सच्चाई जानने का प्रयास नही किया। जबकि पिड़ित माननीय उचच न्यायालय में भी गुहार लगाया जहा से अविलम्ब रास्तो खली कराये जाने का आदेश पारित हुआ लेकिन जनपदस्तरीय अधिकारी माननीय न्याय उच्च न्यायालय के आदेश को धता कर चुप्पी साधे हुए है। जिससे आवागमन करने वाले हलकान हो रहे है। जहॉ एक तरफ सराकर फरियादियों की फरियाद के लिए तरह-तरह के हत्कण्ड़े अपना रही है लेकिन मातहत कानो में तेल डालकर अनजान बने हुए है। वही पिड़ित ने शुक्रवार को जिलाधिकरी महोदय के यह एक फिर प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया अब देखना यह है कि आगे क्या होता है।