औचक निरीक्षण में अभिलेख अपूर्ण मिलने पर तीन विक्रेताओं को नोटिस

औचक निरीक्षण में अभिलेख अपूर्ण मिलने पर तीन विक्रेताओं को नोटिस

 

चंदौली/दिनांक 25 अप्रैल, 2026

 

चंदौली में कृषि विभाग ने औचक निरीक्षण के दौरान तीन कीटनाशक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन विक्रेताओं पर कीटनाशक स्टॉक का बिक्री और वितरण रजिस्टर उपलब्ध न कराने तथा एक्सपायरी कॉर्नर न बनाने का आरोप है।

 

जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि यह कार्रवाई अपर मुख्य सचिव (कृषि), उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के आदेश और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर की गई। जनपद में कीटनाशी निरीक्षकों की दो टीमें गठित की गई थीं, जिनमें उप कृषि निदेशक, सहायक निदेशक मत्स्य अधिकारी, जिला कृषि/कृषि रक्षा अधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी शामिल थे।

 

इन टीमों ने 25 अप्रैल 2026 को कीटनाशी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की। टीम-1 ने 6 प्रतिष्ठानों का, जबकि टीम-2 ने 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 6 कीटनाशी नमूने भी लिए गए।

जिन तीन कीटनाशी विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें मेसर्स कृष्णा फर्टिलाइजर, सकलडीहा; मेसर्स एग्रीकल्चर सेंटर, चहनियां; और मेसर्स विकास बीज भंडार, चहनियां शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि इन विक्रेताओं द्वारा नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशक नियमावली 1971 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के आदेश को मातहत दिखा रहे ठेगा
चहनियां चन्दौली।
क्षेत्र के प्रभुपुर गावं में अराजी नं0 311पर चकरोड बनवाने के लिए पिड़ित वायुनन्दन त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी के यहा प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया गया। लेकिन उच्चाधिकारियां के आदेश के बावजूद भी मातहत सचिव व प्रारम्भ कार्य कराना उचित नही समझ रहे है। वही पिड़ित वायुनन्दन ने खण्ड विकास अधिकारी से बार-बार मिलने के पर खण्ड विकास अधिकारी ने दो दिन के अन्दर काम लगवाये जाने का आश्वासन देकर प्रार्थी को शान्त कराया। इस संबंध में तत्कालीन एडीओ पंचायत ने सचिव को कार्य कराने का लिखित आदेश दिया था लेकिन सचिव द्वारा उसे नजर अंदाज करते हुए कार्य कराना उचित नही समझा। ग्राम प्रधान चुनावी रंग में रंग कर आलाधिकारियां के आदेश को ठेगा दिखाते हुए ठंण्डे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों के आदेश को दो-दिन, चार-दिन करते-करते मातहत सचिव व ग्राम प्रधान दो माह बिता दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों का आदेश का कितना मातहत पालन करते है। अधिकारियों ढ़ुलमुल रवैया पूर्ण आदेश से तंग आकर पिड़ित आमरण अनशन करने का बाध्य हो गया। वही पिड़ित वायुनन्दन ने आलाधिकारियों चेताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ नही करवाया तो प्रार्थी आमरण अनशन को बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी मातहतों की होगी।

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2024

पर्यावरण  बचाओ  मिलकर, मत कर तेरी मेरी।
वृक्ष लगा हरियाली लाओ, बिना किसी भी देरी।।
जग-प्रांगण में  वृक्ष लगाना, यह कर्तव्य  हमारा।
सुखमय जीवन हेतु सभीके,केवल प्रकृति सहारा।।