गुरु पूर्णिमा पर कंपोजिट विद्यालय छेमिया में बच्चों के साथ विश्व हिन्दू परिषद, चंदौली की जिला उपाध्यक्ष नीना वैश्य का जन्मदिन मनाया गया, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण एवं बाल सुरक्षा का संदेश

गुरु पूर्णिमा पर कंपोजिट विद्यालय छेमिया में बच्चों के साथ विश्व हिन्दू परिषद, चंदौली की जिला उपाध्यक्ष नीना वैश्य का जन्मदिन मनाया गया, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण एवं बाल सुरक्षा का संदेश

छेमिया (चंदौली)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कंपोजिट विद्यालय छेमिया में विश्व हिन्दू परिषद, चंदौली की जिला उपाध्यक्ष नीना वैश्य का जन्मदिन बच्चों, शिक्षकों एवं ग्रामवासियों के साथ बड़े ही हर्षोल्लास और आत्मीय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत इस संदेश के साथ हुई कि जीवन की प्रथम गुरु हमारी माता होती हैं, जिनसे हमें संस्कार, अनुशासन और जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर नीना वैश्य ने विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ पौधरोपण किया। लगाए गए प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी संबंधित बच्चों को सौंपी गई और उनसे संकल्प दिलाया गया कि वे पूरे वर्ष उसकी देखभाल करेंगे। यह भी घोषणा की गई कि जिन बच्चों के नाम पर लगाए गए पौधे सुरक्षित एवं विकसित मिलेंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति प्रेम की भावना विकसित करना है।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी विद्यार्थियों को पेन वितरित किए गए, ताकि वे शिक्षा के प्रति और अधिक प्रेरित हों। इसके बाद सभी बच्चों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने एक साथ बैठकर जलेबी एवं चने की घुघनी का नाश्ता किया। बच्चों के साथ समय बिताकर सभी अतिथियों ने अत्यंत आनंद का अनुभव किया।

कार्यक्रम में मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय रस्तोगी ने बच्चों को गुड टच एवं बैड टच के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छूने का प्रयास करे या कोई ऐसी घटना हो जिससे बच्चा असहज महसूस करे, तो उसे तुरंत ज़ोर से आवाज़ लगानी चाहिए, वहाँ मौजूद किसी विश्वसनीय व्यक्ति का ध्यान आकर्षित करना चाहिए तथा बिना किसी डर के अपने माता-पिता, शिक्षक या अभिभावक को पूरी बात बतानी चाहिए। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सदैव जागरूक रहने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर चंद्रभूषण मिश्रा ने अपने प्रेरणादायी विचारों से बच्चों का मन मोह लिया। उन्होंने शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके प्रेरक विचारों की सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम में पिंकी सिंह, दीपिका विश्वकर्मा, चंद्रभूषण मिश्रा, विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज तिवारी, ग्राम प्रधान श्रवण जी, विद्यालय परिवार, मध्याह्न भोजन की रसोइया एवं समस्त स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर बड़े आत्मीय वातावरण में जन्मदिन मनाया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के अंत में विश्व हिन्दू परिषद, चंदौली की जिला उपाध्यक्ष नीना वैश्य ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार कंपोजिट विद्यालयों में जाकर बच्चों के साथ पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, उनका संरक्षण करेंगे तथा बच्चों को अच्छे संस्कार, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।

सीता राम स्वयंवर देख श्रोता हुए गदगद-चंदौली सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के सहरोई गांव में श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया गया है कथा के चौथे दिन पंडित शक्ति तिवारी कथा में भी बताया की जिस कार्य को दस हजार राजा नहीं कर पाये उस कार्य को श्री रघुनाथ ने करके दिखाये। यह दृश्य देखकर जितने राजा थे सब सकुचा जाते हैं। और लगे खलबली मचाने उसी समय अजगौ धनुष के लिए परशुराम सभा में आ जाते हैं। और सब के सब राजा अपने पिता का नाम बताकर कतार बद्ध खड़े हो गये। और लगे चिखारने की निकाल कर के वापस करो जिसने शिव पिनाक धनुष को खंड-खंड किया। राम कहते हैं महाराज वह आपका कोई दास ही होगा लेकिन परशुराम का क्रोध शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब लक्ष्मण भैया कौतकी करने लगे और अंत में कहना ही पड़ा की महाराज हमें कुंभड की भतिया न समझिएगा जो हाथों की तर्जनी देखकर डर जाये। हम रघुवंशी हैं हम जानते हैं कि जो क्षत्री ब्राह्मण के चरणों में निष्ठा बनाकर रहता है। वह संसार में निर्भर होकर जीता है। परशुराम सोच में पड़ गए कि ब्राह्मण के चरणों में इतनी निष्ठा भगवान को छोड़कर दूसरा कोई हो ही नहीं सकते। परशुराम धनुष की प्रतंचा चढ़वाकर रघुनाथ की परीक्षण किया और तीन बार जय जय कार लगाकर वापस महेंद्र पर्वत पर चले जाते हैं। फिर राजाओं ने राहत की सांस ली और दूतो को अयोध्या भेज कर चक्रवर्ती राजा दशरथ पत्र दिया गया और चक्रवर्ती राजा दशरथ पूरे धूमधाम से बारात लेकर आये। और पंडित शक्ति तिवारी ने बहुत ही खूबसूरत मट फोड की गीत गाते हुए विवाह की मंगल गीत सुनाये। जिसकी सभी श्रोता बंधु भाव विभोर होकर खूब आनंदित हुये। सैकड़ो श्रोताओं का हुजूम लग रहा। वहीं उपस्थित मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशन यादव। राहुल मिश्रा समाज सेवीक, महानंद मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, निक्की राशिक, प्रदुम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।