भारतीय डाक विभाग के माध्यम से प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल के 700 बच्चों ने राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री सहित सेना एवं अन्य विभाग को भेजा राखी सहित अपना संदेश।

भारतीय डाक विभाग के माध्यम से प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल के 700 बच्चों ने राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री सहित सेना एवं अन्य विभाग को भेजा राखी सहित अपना संदेश।

आज भारतीय डाक विभाग द्वारा चंदौली जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्थित प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल कुरहना में राखी त्यौहार के मद्देनज़र बच्चों को जागरूक किया गया।

जिसके दौरान छोटे बच्चों से लेकर बड़े बच्चों तक लगभग विद्यालय के 700 से अधिक बच्चों द्वारा प्रतिभाग किया गया। डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए स्पेशल राखी लिफाफे के माध्यम से बच्चों ने देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ,मुख्यमंत्री, एवं सेवा के जवानों , पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों, उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों के साथ साथ अन्य सुरक्षा बल के जवानों को डाक विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए गए लिफाफे में राखियां एवं बधाई संदेश के साथ अपने मन की बात भी लिखकर भेजे गए। इस अभियान के दौरान राखी के साथ संदेश भेजने के अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों एवं बच्चियों का उत्साह भारतीय सेना के जवानों एवं सभी फोर्स के जवानों के प्रति आदर भाव काफी दिख रहा था।

डाक विभाग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान में विभाग की ओर से चंदौली जनपद के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव दिनेश तिवारी उपस्थित रहे। वहीं विद्यालय परिवार की ओर से विद्यालय के डीन डॉ. आर.पी. सिंह, शिक्षक कुमार नंद जी, दीपमाला यादव, अपर्णा बैनर्जी, अंकित राजपूत, जीतेन्द्र कुमार, आकाश सिंह राजपूत, विनय शर्मा, अखिलेश पांडे, प्रियंका यादव, नीतू मौर्य एवं अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। उपस्थित रहे।

विद्यालय के डीन डॉ.आर पी सिंह द्वारा बच्चों के उत्साह एवं सेना सहित पैरा मिलिट्री फोर्स के प्रति सम्मान भाव को देखते हुए डाक विभाग के इस पहल को धन्यवाद दिया एवं बच्चों को भारतीय सेना सहित अन्य सुरक्षा बलों एवं सैनिकों के प्रति आधार सेवा भाव एवं सम्मान के प्रति जागरूक भी किया।

अधिकारियों के आदेश को मातहत दिखा रहे ठेगा
चहनियां चन्दौली।
क्षेत्र के प्रभुपुर गावं में अराजी नं0 311पर चकरोड बनवाने के लिए पिड़ित वायुनन्दन त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी के यहा प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया गया। लेकिन उच्चाधिकारियां के आदेश के बावजूद भी मातहत सचिव व प्रारम्भ कार्य कराना उचित नही समझ रहे है। वही पिड़ित वायुनन्दन ने खण्ड विकास अधिकारी से बार-बार मिलने के पर खण्ड विकास अधिकारी ने दो दिन के अन्दर काम लगवाये जाने का आश्वासन देकर प्रार्थी को शान्त कराया। इस संबंध में तत्कालीन एडीओ पंचायत ने सचिव को कार्य कराने का लिखित आदेश दिया था लेकिन सचिव द्वारा उसे नजर अंदाज करते हुए कार्य कराना उचित नही समझा। ग्राम प्रधान चुनावी रंग में रंग कर आलाधिकारियां के आदेश को ठेगा दिखाते हुए ठंण्डे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों के आदेश को दो-दिन, चार-दिन करते-करते मातहत सचिव व ग्राम प्रधान दो माह बिता दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों का आदेश का कितना मातहत पालन करते है। अधिकारियों ढ़ुलमुल रवैया पूर्ण आदेश से तंग आकर पिड़ित आमरण अनशन करने का बाध्य हो गया। वही पिड़ित वायुनन्दन ने आलाधिकारियों चेताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ नही करवाया तो प्रार्थी आमरण अनशन को बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी मातहतों की होगी।