भगवान से जुड़ने पर खामी भी बन जाती है विशेषता : शालिनी

भगवान से जुड़ने पर खामी भी बन जाती है विशेषता : शालिनी

 

कथा सुनकर सामान्य नहीं, भगवत कृपा का पात्र बनकर निकलता है व्यक्ति

 

 

बबुरी/चंदौली

 

 

भौंरही नरहन मैढ़ी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में चल रहे त्रिदिवसीय संगीतमय भक्ति कथा एवं कृष्ण जन्माष्टमी समारोह के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा का शुभारंभ चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने ग्रन्थ पूजन कर किया। व्यास पीठ से कथा प्रवाचिका मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने जनाबाई, भक्त प्रहलाद और भगवान के अवतार के प्रसंगों के माध्यम से भक्ति और संस्कार का संदेश दिया। भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे। कथा प्रवाचिका शालिनी त्रिपाठी ने जनाबाई के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपना कार्य करते हुए हरि संकीर्तन करता है तो उसकी साधना से निर्जीव भी चैतन्य हो सकता है। भगवान से जुड़ जाने पर व्यक्ति की खामी भी उसकी विशेषता बन जाती है। जब भागवत को पाने की चाह चरम पर पहुंचती है तो व्यक्ति की कमी भी उसकी खासियत बन जाती है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को यदि एक शरीर माना जाए तो भारत उस शरीर का हृदय है। भगवान का जन्म भारत में इसलिए होता है, क्योंकि भगवान का निवास स्थान भी हृदय ही माना गया है। भगवान का अवतार केवल भक्तों को प्रेम देने और उनकी रक्षा करने के लिए होता है। सच्चे मन से की गई भक्त की पुकार भगवान तक अवश्य पहुंचती है।

इस दौरान “कन्हैया को एक रोज रोकर पुकारा…” भजन प्रस्तुत किया गया। भजन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। गृहस्थ जीवन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पत्नी वह है जो पति को पतन से बचाए, जबकि धर्मपत्नी वह होती है जो पति को धर्म से जोड़े। उन्होंने कहा कि परिवार में धर्म और संस्कार का वातावरण बनाने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भक्त प्रहलाद की कथा सुनाते हुए शालिनी त्रिपाठी ने अभिभावकों को बच्चों के संस्कारों पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को कर्म की शिक्षा के साथ-साथ भगवान की कृपा पर विश्वास करने की शिक्षा भी अवश्य देनी चाहिए। कर्म करते हुए यदि व्यक्ति हार भी जाता है तो उसे कृपा की आस संभाल सकती है। लेकिन यदि उसे कृपा और ईश्वर पर विश्वास की शिक्षा नहीं मिली तो वह जीवन की परिस्थितियों से भी हार सकता है। कथा के बीच “श्री बांके बिहारी लाल गोपाल, मन रखियो अपने चरणों में…” तथा “बरसाने में बंगला देखा, बंगला राधा रानी का…” जैसे भजनों की प्रस्तुति हुई। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते और भगवान के जयकारे लगाते नजर आए। कथा प्रवाचिका ने कथा के प्रभाव को समझाते हुए कहा कि ब्यूटी पार्लर में कोई व्यक्ति जिस रूप में जाता है, बाहर निकलते समय उसका रूप बदल जाता है। उसी प्रकार कथा पंडाल में व्यक्ति सामान्य भाव से प्रवेश करता है, लेकिन कथा श्रवण के बाद भगवत कृपा का पात्र बनकर बाहर निकलता है। कथा का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, बल्कि उसके संदेश को जीवन में उतारकर अपने आचरण में परिवर्तन लाना है। कार्यक्रम का मंच संचालन अमितेश पांडे ने किया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पूरा वातावरण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

रिपोर्ट वैभव त्रिपाठी

लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की केंद्रीय टीम ने शैक्षिक गतिविधियों का किया अवलोकनचहनिया चंदौलीशिक्षक संदर्शिका ,पाठ्यपुस्तक,कार्य पुस्तिका एवं सहायक शिक्षण अधिगम सामग्री के उपयोग से बच्चों के सीखने के स्तर एवं क्षमता को बढ़ाया जा रहा है तथा विद्यालय में नामांकन वृद्धि हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है !गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आकर्षक गतिविधियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे विद्यालय में नामांकन करा रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप आज विद्यालय में बेहतर नामांकन और उपस्थिति दर्ज की जा रही है !शिक्षकों ने बताया कि विशेष रेमेडियल अभियान के तहत पिछड़ रहे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नियमित प्रयास किया जा रहा है तथा कक्षा – कक्ष में बच्चों के सीखने की गति बढ़ाने हेतु विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचार को अपनाया जा रहा है!केंद्रीय टीम में अंकित अरोरा ,निहारिका गुप्ता ,श्रीमोइ भट्टाचार्य ने विद्यालय मैं बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर होने की सराहना की तथा आगामी भविष्य में टीम द्वारा विद्यालय को शैक्षणिक सामग्री से परिपूर्ण करने का भरोसा दिया !इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह यादव, नंदकुमार शर्मा ,लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, बृजेश कुमार मिश्रा, उमा चौबे, प्रदीप कुमार सिंह, उमेश, ममता रानी गुप्ता, रूबी सिंह, गौतम लाल ,राम भजन राम, सुशीला देवी तथा लर्निंग एंड लैंग्वेज फाउंडेशन ब्लॉक चहनिया के शाहनवाज एवं जितेंद्र उपस्थित रहे!